Tuesday, 11 January, 2011

जाने क्यूँ मेरे दिल को भाए वो 
पलके झपकाके  मुस्कराए वो 

सख्त आँखें दिखा के मेरी तरफ 
इस तरह प्यार को जताए क्यूँ 

जाने क्यूँ ये अदा मुझे भाई 
दर्द दे कर ही लोट जाएँ क्यूँ 

रातों भर उसकी यादें आती है 
ख्वाबों में रात भर सताए क्यूँ 

वो मेरा दिल है  वो मेरी धड़कन 
मेरी हर सांस में समाए वो 

वो है आँखों में रौशनी की तरह 
दीप हूँ  मैं अगर जलाए वो 

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