Sunday, 12 May, 2013

''माँ''

  एक मंत्र
जो सर्वत्र हो
पवित्र हो
  भाव हो
संसार हो
वेदों का सार
जग पर निसार हो

दूध सा म्रदूल,
अश्रु भी
गंगा की धार हो
पीड़ा में भी
सुख- आनंद उसके
  पास हो

संगीत हो
निशब्द
पर अहसास हो
मीठी सी झिडकी
प्यारी सी
  लोरी
बताशों भरी कटोरी हो

संकट में काली
बसंत में फूलो की डाली हो

ना ही अर्थ हो
ना स्वार्थ हो
उच्चारण भर से गूंजता
  ब्रह्मांड हो

धरती हो या आसमाँ
हो ये मंत्र सबके पास
          "माँ "
प्यारी माँ, हिंदी माँ, भारत माँ

-Happy day to all Mothers

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